![]()
|
















|
मालवांचल मित्र, जयपुर: राजस्थान विधानसभा को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से बुधवार को हड़कंप मच गया। यह पिछले 10 दिनों में दूसरी बार है जब ऐसी धमकी दी गई है। हालांकि, पुलिस और एटीएस की गहन जांच के बाद यह धमकी भी अफवाह साबित हुई। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा सचिवालय के आधिकारिक ईमेल पर सुबह एक संदिग्ध संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि दोपहर लगभग 1 बजे विधानसभा भवन को बम से उड़ा दिया जाएगा। ईमेल में यह भी उल्लेख था कि दिल्ली विधानसभा को भी इसी तरह निशाना बनाने की योजना है, और वहां “साइनाइड गैस बम” लगाए जाने का दावा किया गया था। साथ ही संदेश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और विदेशी आतंकियों से जुड़े भ्रामक और सनसनीखेज दावे भी किए गए। धमकी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और राजस्थान पुलिस के साथ एटीएस की टीम ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पूरे विधानसभा परिसर को खाली कराकर हर कोने की बारीकी से जांच की गई। घंटों चले इस अभियान के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, जिसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। लगातार दूसरी बार मिली इस तरह की धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक वर्ष में प्रदेश के कई महत्वपूर्ण संस्थानों को इसी तरह की धमकियां मिलती रही हैं, जिनमें से अधिकांश जांच में झूठी साबित हुई हैं। हालांकि, बार-बार मिल रही इन धमकियों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं विपक्ष ने भी सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की गंभीरता से जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ईमेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है ताकि इस तरह की फर्जी धमकियों की श्रृंखला पर रोक लगाई जा सके। |
मालवांचल मित्र, जयपुर: राजस्थान विधानसभा को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से बुधवार को हड़कंप मच गया। यह पिछले 10 दिनों में दूसरी बार है जब ऐसी धमकी दी गई है। हालांकि, पुलिस और एटीएस की गहन जांच के बाद यह धमकी भी अफवाह साबित हुई।
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा सचिवालय के आधिकारिक ईमेल पर सुबह एक संदिग्ध संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि दोपहर लगभग 1 बजे विधानसभा भवन को बम से उड़ा दिया जाएगा। ईमेल में यह भी उल्लेख था कि दिल्ली विधानसभा को भी इसी तरह निशाना बनाने की योजना है, और वहां “साइनाइड गैस बम” लगाए जाने का दावा किया गया था। साथ ही संदेश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और विदेशी आतंकियों से जुड़े भ्रामक और सनसनीखेज दावे भी किए गए।
धमकी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और राजस्थान पुलिस के साथ एटीएस की टीम ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पूरे विधानसभा परिसर को खाली कराकर हर कोने की बारीकी से जांच की गई। घंटों चले इस अभियान के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, जिसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
लगातार दूसरी बार मिली इस तरह की धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक वर्ष में प्रदेश के कई महत्वपूर्ण संस्थानों को इसी तरह की धमकियां मिलती रही हैं, जिनमें से अधिकांश जांच में झूठी साबित हुई हैं।
हालांकि, बार-बार मिल रही इन धमकियों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं विपक्ष ने भी सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की गंभीरता से जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ईमेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है ताकि इस तरह की फर्जी धमकियों की श्रृंखला पर रोक लगाई जा सके।