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चित्तौड़गढ़/मंदसौर/नीमच। मध्य प्रदेश और राजस्थान के लाखों अफीम किसानों के लिए आखिरकार वह बड़ी खुशखबरी आ गई है। जिसका उन्हें बेसब्री से इंतजार था। शुक्रवार देर रात केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) द्वारा नई अफीम नीति जारी कर दी गई है। हालांकि नीति अभी सीबीएन की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड होने की प्रक्रिया में है, लेकिन इसकी घोषणा होते ही दोनों राज्यों के किसान बहुल अंचल में खुशी की लहर दौड़ गई है। चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी और नीमच-मंदसौर संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता ने इस बात की जानकारी साझा करते हुए किसानों को बधाई दी है। उन्होंने कहां कि किसानों का यह इंतजार इस बार पिछले साल के मुकाबले करीब 40 दिन की देरी से खत्म हुआ। नीति में हो रही देरी को लेकर अंचल में किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन और आंदोलनों की सुगबुगाहट भी शुरू हो गई थी, लेकिन अब नीति के ऐलान के साथ ही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। सांसद जोशी एवं गुप्ता ने बताया कि नारकोटिक्स विभाग की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद अब किसान खेतों की जुताई और अफीम की बुवाई के मुख्य कार्यों में जुट जाएंगे। इस फैसले से प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम सहित राजस्थान के चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और झालावाड़ जिलों के पट्टाधारक किसानों ने राहत की सांस ली है। |
चित्तौड़गढ़/मंदसौर/नीमच। मध्य प्रदेश और राजस्थान के लाखों अफीम किसानों के लिए आखिरकार वह बड़ी खुशखबरी आ गई है। जिसका उन्हें बेसब्री से इंतजार था। शुक्रवार देर रात केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) द्वारा नई अफीम नीति जारी कर दी गई है। हालांकि नीति अभी सीबीएन की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड होने की प्रक्रिया में है, लेकिन इसकी घोषणा होते ही दोनों राज्यों के किसान बहुल अंचल में खुशी की लहर दौड़ गई है।
चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी और नीमच-मंदसौर संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता ने इस बात की जानकारी साझा करते हुए किसानों को बधाई दी है। उन्होंने कहां कि किसानों का यह इंतजार इस बार पिछले साल के मुकाबले करीब 40 दिन की देरी से खत्म हुआ। नीति में हो रही देरी को लेकर अंचल में किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन और आंदोलनों की सुगबुगाहट भी शुरू हो गई थी, लेकिन अब नीति के ऐलान के साथ ही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है।
सांसद जोशी एवं गुप्ता ने बताया कि नारकोटिक्स विभाग की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद अब किसान खेतों की जुताई और अफीम की बुवाई के मुख्य कार्यों में जुट जाएंगे। इस फैसले से प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम सहित राजस्थान के चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और झालावाड़ जिलों के पट्टाधारक किसानों ने राहत की सांस ली है।