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नीमच। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जवासा स्थित स्वास्तिक ऑयल मिल एवं कृष्ण फ्लोर मिल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत स्थापित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की गतिविधियों का अवलोकन किया तथा हितग्राहियों से चर्चा कर योजना से मिल रहे लाभों की जानकारी ली। कलेक्टर चंद्रा ने हितग्राही प्रदीप राठौर द्वारा संचालित स्वास्तिक ऑयल मिल का निरीक्षण किया। इकाई में ऑयल एक्सपेलर मशीन के माध्यम से मूंगफली, सरसों, तिल्ली एवं अलसी का तेल निकाला जा रहा है। तेल निष्कर्षण के बाद प्राप्त खल का उपयोग पशु आहार के रूप में किया जाता है। हितग्राही प्रदीप राठौर ने बताया कि पीएमएफएमई योजना के तहत उन्हें 6.50 लाख रुपये का ऋण एवं 2.53 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित की। वर्तमान में इस इकाई से उन्हें प्रतिमाह लगभग 30 हजार रुपये की आय हो रही है। साथ ही, वे दो युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। आटा, बेसन एवं दलिया प्रसंस्करण इकाई का भी किया अवलोकन- कलेक्टर ने हितग्राही सत्यनारायण राठौर द्वारा स्थापित कृष्ण फ्लोर मिल का भी निरीक्षण किया। हितग्राही ने बताया कि पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत उन्हें लगभग 4 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ है तथा नियमानुसार 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिलेगा। इकाई में आटा, बेसन एवं दलिया तैयार किया जा रहा है। पीएमएफएमई योजना के माध्यम से जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर कृषि उपज के प्रसंस्करण, स्वरोजगार तथा रोजगार सृजन के अवसर बढ़ रहे हैं। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश, एसडीएम पराग जैन, उप संचालक उद्यानिकी विभाग पी एस कनेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। |
नीमच। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जवासा स्थित स्वास्तिक ऑयल मिल एवं कृष्ण फ्लोर मिल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत स्थापित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की गतिविधियों का अवलोकन किया तथा हितग्राहियों से चर्चा कर योजना से मिल रहे लाभों की जानकारी ली। कलेक्टर चंद्रा ने हितग्राही प्रदीप राठौर द्वारा संचालित स्वास्तिक ऑयल मिल का निरीक्षण किया। इकाई में ऑयल एक्सपेलर मशीन के माध्यम से मूंगफली, सरसों, तिल्ली एवं अलसी का तेल निकाला जा रहा है। तेल निष्कर्षण के बाद प्राप्त खल का उपयोग पशु आहार के रूप में किया जाता है।
हितग्राही प्रदीप राठौर ने बताया कि पीएमएफएमई योजना के तहत उन्हें 6.50 लाख रुपये का ऋण एवं 2.53 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित की। वर्तमान में इस इकाई से उन्हें प्रतिमाह लगभग 30 हजार रुपये की आय हो रही है। साथ ही, वे दो युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।
आटा, बेसन एवं दलिया प्रसंस्करण इकाई का भी किया अवलोकन-
कलेक्टर ने हितग्राही सत्यनारायण राठौर द्वारा स्थापित कृष्ण फ्लोर मिल का भी निरीक्षण किया। हितग्राही ने बताया कि पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत उन्हें लगभग 4 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ है तथा नियमानुसार 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिलेगा। इकाई में आटा, बेसन एवं दलिया तैयार किया जा रहा है। पीएमएफएमई योजना के माध्यम से जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर कृषि उपज के प्रसंस्करण, स्वरोजगार तथा रोजगार सृजन के अवसर बढ़ रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश, एसडीएम पराग जैन, उप संचालक उद्यानिकी विभाग पी एस कनेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।