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नीमच। ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी, कनावटी (नीमच) के एग्रिकल्चर डिपार्टमेंट स्थित सेमिनार हॉल में कृषि विभाग द्वारा एक दिवसीय विशेष कृषि सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय 'इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट' (एकीकृत कीट प्रबंधन) तथा 'रूरल यूथ इन एग्रीकल्चर' (कृषि में ग्रामीण युवा) रहा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मध्य प्रदेश शासन के कृषि विस्तार अधिकारी (AEO) कन्हैया लाल जी प्रजापति उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक कीट प्रबंधन तकनीकों, पर्यावरण-अनुकूल खेती के तरीकों और कृषि क्षेत्र में ग्रामीण युवाओं की भागीदारी व उनके सशक्तिकरण पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। सेमिनार के दौरान मिट्टी परीक्षण, उन्नत फसल किस्मों, केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं तथा कृषि के क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों पर भी गहन चर्चा की गई। ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी में कृषि विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीकों एवं उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस अवसर पर डॉ. प्रशांत शर्मा सर, ग्रुप डायरेक्टर, ज्ञानोदय ग्रुप हेमंत प्रजापति सर, रजिस्ट्रार, ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी; एवं डॉ. सुरेन्द्र शक्तावत सर, प्रिंसिपल, ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी ने कृषि विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों को अपनाने, नवाचार के माध्यम से कृषि को अधिक उन्नत एवं लाभकारी बनाने तथा बदलते समय के साथ अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में नए अवसरों की पहचान कर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। अंत में, सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें मेहनत, समर्पण और नवाचार के साथ कृषि क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर कृषि विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) व सहायक प्रोफेसर कपिल पाटीदार, डॉ. मनेंद्र शर्मा, विकास सिंह सिकरवार, महेश पाटीदार, प्रकाश रेगर और अंजू धाकड़ सहित विभाग के अन्य प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उपस्थित संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया। उक्त जानकारी प्रो. अनूप चौधरी सर ने प्रदान की। |
नीमच। ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी, कनावटी (नीमच) के एग्रिकल्चर डिपार्टमेंट स्थित सेमिनार हॉल में कृषि विभाग द्वारा एक दिवसीय विशेष कृषि सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय 'इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट' (एकीकृत कीट प्रबंधन) तथा 'रूरल यूथ इन एग्रीकल्चर' (कृषि में ग्रामीण युवा) रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मध्य प्रदेश शासन के कृषि विस्तार अधिकारी (AEO) कन्हैया लाल जी प्रजापति उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक कीट प्रबंधन तकनीकों, पर्यावरण-अनुकूल खेती के तरीकों और कृषि क्षेत्र में ग्रामीण युवाओं की भागीदारी व उनके सशक्तिकरण पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
सेमिनार के दौरान मिट्टी परीक्षण, उन्नत फसल किस्मों, केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं तथा कृषि के क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों पर भी गहन चर्चा की गई। ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी में कृषि विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीकों एवं उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस अवसर पर डॉ. प्रशांत शर्मा सर, ग्रुप डायरेक्टर, ज्ञानोदय ग्रुप हेमंत प्रजापति सर, रजिस्ट्रार, ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी; एवं डॉ. सुरेन्द्र शक्तावत सर, प्रिंसिपल, ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी ने कृषि विद्यार्थियों को संबोधित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों को अपनाने, नवाचार के माध्यम से कृषि को अधिक उन्नत एवं लाभकारी बनाने तथा बदलते समय के साथ अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में नए अवसरों की पहचान कर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। अंत में, सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें मेहनत, समर्पण और नवाचार के साथ कृषि क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर कृषि विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) व सहायक प्रोफेसर कपिल पाटीदार, डॉ. मनेंद्र शर्मा, विकास सिंह सिकरवार, महेश पाटीदार, प्रकाश रेगर और अंजू धाकड़ सहित विभाग के अन्य प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उपस्थित संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया। उक्त जानकारी प्रो. अनूप चौधरी सर ने प्रदान की।