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मनासा। मैने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डार दई इसी विश्वास को व्यक्त करते हुए भारी संख्या में जुटे सनातन परिवारो ने 110वां सामुहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ व सत्संग सम्पन्न किया। उल्लेखनीय है कि अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के विद्वान, युवा, साहित्याचार्य, रामराष्ट्र आराधक संत श्रीचेतनराम की प्रेरणा से सनातन सत्संग मंडल व्दारा मंदिरो की पावन नगरी के हर क्षैत्र में विगत 2वर्ष से अधिक समय से सामाजिक सद्भाव, समरसता, परिवारो में सामंजस्य, संस्कार आदि भाव को लेकर ही सामुहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ व सत्संग प्रति मंगलवार किया जा रहा है। इसी क्रम में 110वां पाठ भाटखेडी नाका चौराहा पर सम्पन्न हुआ। प्रारंभ में लाभार्थी परिवार के श्रीकन्हैयालाल बारोड़, जगदीश राठौर, कारुलाल राठौर, राजेन्द्र राठौर, सुरेश राठौर, किशन राठौर, गोपाल सांवलिया राठौर, देवीलाल कुमावत आदि ने श्रीहनुमान के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। भजन प्रवाह में वरिष्ठ भजनानंदी भंवरलाल प्रजापति ने मालवा-मेवाड़ क्षैत्र में सर्वाधिक लोकप्रिय लावणी हेलो हुणजे रे मारा रुप चतुरभुज भाला वारा रे सुनाकर अपनी अरदास प्रस्तुत की, तो राजकुमार मारू ने श्रीहनुमान का गुणगान करते हुए भजन हे दुख भंजन मारूति नंदन सुनाया वहीं अनिल लढ़ा ने श्रीहनुमान की सरलता का बखान करते हुए सिंदूर चढ़ाने से सब काम हो जाता है भाव व्यक्त किए। गोपाल राठौर ने श्रीराम व हनुमान के प्रति भाव व्यक्त करते हुए दुनिया चले ना राम के बिना भजन सुनाया तो कमल विजयवर्गीय ने आज सर्वाधिक भजन मैने तेरे ही भरोसे हनुमान गाकर सभी को खुब नृत्य करवाया। वहीं अरुण झंवर ने सालासर बालाजी की महिमा का गुणगान किया। ओम सोनी ने श्रीराम जानकी बैठे है मेरे सीने में भजन से सबको मोहित किया। सनातन सत्संग मंडल व्दारा लाभार्थी परिवार व सभी भक्तो के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आगामी 3नवम्बर मंगलवार को 111वें सामुहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ व सत्संग में रात्रि ठीक 8 बजे नानकशाही इमली खड़ा शेर गली पर अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार भाग लेने का आग्रह किया। |
मनासा। मैने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डार दई इसी विश्वास को व्यक्त करते हुए भारी संख्या में जुटे सनातन परिवारो ने 110वां सामुहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ व सत्संग सम्पन्न किया। उल्लेखनीय है कि अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के विद्वान, युवा, साहित्याचार्य, रामराष्ट्र आराधक संत श्रीचेतनराम की प्रेरणा से सनातन सत्संग मंडल व्दारा मंदिरो की पावन नगरी के हर क्षैत्र में विगत 2वर्ष से अधिक समय से सामाजिक सद्भाव, समरसता, परिवारो में सामंजस्य, संस्कार आदि भाव को लेकर ही सामुहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ व सत्संग प्रति मंगलवार किया जा रहा है। इसी क्रम में 110वां पाठ भाटखेडी नाका चौराहा पर सम्पन्न हुआ।
प्रारंभ में लाभार्थी परिवार के श्रीकन्हैयालाल बारोड़, जगदीश राठौर, कारुलाल राठौर, राजेन्द्र राठौर, सुरेश राठौर, किशन राठौर, गोपाल सांवलिया राठौर, देवीलाल कुमावत आदि ने श्रीहनुमान के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। भजन प्रवाह में वरिष्ठ भजनानंदी भंवरलाल प्रजापति ने मालवा-मेवाड़ क्षैत्र में सर्वाधिक लोकप्रिय लावणी हेलो हुणजे रे मारा रुप चतुरभुज भाला वारा रे सुनाकर अपनी अरदास प्रस्तुत की, तो राजकुमार मारू ने श्रीहनुमान का गुणगान करते हुए भजन हे दुख भंजन मारूति नंदन सुनाया वहीं अनिल लढ़ा ने श्रीहनुमान की सरलता का बखान करते हुए सिंदूर चढ़ाने से सब काम हो जाता है भाव व्यक्त किए।
गोपाल राठौर ने श्रीराम व हनुमान के प्रति भाव व्यक्त करते हुए दुनिया चले ना राम के बिना भजन सुनाया तो कमल विजयवर्गीय ने आज सर्वाधिक भजन मैने तेरे ही भरोसे हनुमान गाकर सभी को खुब नृत्य करवाया। वहीं अरुण झंवर ने सालासर बालाजी की महिमा का गुणगान किया। ओम सोनी ने श्रीराम जानकी बैठे है मेरे सीने में भजन से सबको मोहित किया। सनातन सत्संग मंडल व्दारा लाभार्थी परिवार व सभी भक्तो के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आगामी 3नवम्बर मंगलवार को 111वें सामुहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ व सत्संग में रात्रि ठीक 8 बजे नानकशाही इमली खड़ा शेर गली पर अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार भाग लेने का आग्रह किया।