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मालवांचल मित्र, खंडवा। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में इन दिनों आस्था और सामाजिक सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। खंडवा जिला प्रशासन की एक अनोखी पहल के तहत मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में रक्तदान कर रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य रक्त की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को समाज सेवा के लिए प्रेरित करना है। प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस विशेष व्यवस्था के अनुसार, जो श्रद्धालु रक्तदान करते हैं, उन्हें मंदिर में दर्शन के लिए सामान्य कतार में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता। रक्तदान करने वाले भक्तों को सीधे वीआईपी प्रवेश की सुविधा दी जा रही है, जिससे वे 3 से 4 घंटे लंबी लाइन से बचकर शीघ्र दर्शन कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि रक्तदान की पूरी प्रक्रिया में लगभग 20 मिनट का समय लगता है। इसके बाद श्रद्धालुओं को विशेष पास उपलब्ध कराया जाता है, जिसके माध्यम से उन्हें मंदिर में प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश मिलता है। इस पहल को श्रद्धालुओं का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग दर्शन के साथ-साथ रक्तदान कर मानवता की सेवा में भी योगदान दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान से ब्लड बैंकों में रक्त का संग्रह बढ़ा है, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
जिला प्रशासन का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की सामाजिक पहलें लोगों को सकारात्मक संदेश देती हैं और समाज में जनकल्याण की भावना को मजबूत करती हैं। श्रद्धालु भी इस व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे पुण्य और परोपकार का अनूठा अवसर बता रहे हैं। ओंकारेश्वर मंदिर में चल रही यह पहल अब आस्था के साथ सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनती जा रही है, जहां भगवान के दर्शन के साथ-साथ जरूरतमंदों के जीवन को बचाने का भी अवसर मिल रहा है। |
मालवांचल मित्र, खंडवा। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में इन दिनों आस्था और सामाजिक सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। खंडवा जिला प्रशासन की एक अनोखी पहल के तहत मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में रक्तदान कर रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य रक्त की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को समाज सेवा के लिए प्रेरित करना है।
प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस विशेष व्यवस्था के अनुसार, जो श्रद्धालु रक्तदान करते हैं, उन्हें मंदिर में दर्शन के लिए सामान्य कतार में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता। रक्तदान करने वाले भक्तों को सीधे वीआईपी प्रवेश की सुविधा दी जा रही है, जिससे वे 3 से 4 घंटे लंबी लाइन से बचकर शीघ्र दर्शन कर सकते हैं।

बताया जा रहा है कि रक्तदान की पूरी प्रक्रिया में लगभग 20 मिनट का समय लगता है। इसके बाद श्रद्धालुओं को विशेष पास उपलब्ध कराया जाता है, जिसके माध्यम से उन्हें मंदिर में प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश मिलता है।
इस पहल को श्रद्धालुओं का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग दर्शन के साथ-साथ रक्तदान कर मानवता की सेवा में भी योगदान दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान से ब्लड बैंकों में रक्त का संग्रह बढ़ा है, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

जिला प्रशासन का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की सामाजिक पहलें लोगों को सकारात्मक संदेश देती हैं और समाज में जनकल्याण की भावना को मजबूत करती हैं। श्रद्धालु भी इस व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे पुण्य और परोपकार का अनूठा अवसर बता रहे हैं।
ओंकारेश्वर मंदिर में चल रही यह पहल अब आस्था के साथ सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनती जा रही है, जहां भगवान के दर्शन के साथ-साथ जरूरतमंदों के जीवन को बचाने का भी अवसर मिल रहा है।