नीमच। मालवांचल मित्र
खेल सिर्फ मैदान पर जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा भी है। इसी सोच को युवाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के युवाओं से वर्चुअली जुड़कर उन्हें जीवन में किसी एक खेल को अपनाने और उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत दुनिया के मानचित्र पर खेल महाशक्ति के रूप में उभरेगा।
मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर आयोजित इस संवाद में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गांव, ब्लॉक और तहसील स्तर तक विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं पहुंचें। जिला और ब्लॉक स्तर पर बेहतर आधारभूत संरचना, प्रशिक्षक और कोच उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने भारत के खेल क्षेत्र के बड़े लक्ष्य भी सामने रखे। उन्होंने कहा कि 2036 के ओलंपिक में भारत को पदक तालिका में दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल करना और 2047 तक भारत को खेल महाशक्ति बनाना लक्ष्य है।
खेल प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए स्पोर्ट्स आइकॉन मीनाक्षी सिसोदिया, सुश्री मीनाक्षी यादव, श्री सुमित छावारिया और श्री जतिन शर्मा का अतिथियों द्वारा शॉल एवं श्रीफल से सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि नीमच को राष्ट्रीय खेल आयोजनों और राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार आगे ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीमच को राज्य की खेल नगरी के रूप में पहचान मिली है और युवाओं को खेल के साथ पढ़ाई में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय की छात्रा तन्वी लखेरा ने ‘खेलो इंडिया संवाद’ के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। जनभागीदारी अध्यक्ष विष्णुदेव शर्मा ने कहा कि नीमच ने देश को कई राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाएं दी हैं। अब नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि इस परंपरा को आगे बढ़ाए।
राज्य स्तरीय कला सम्मान से सम्मानित आर्टिस्ट एवं यूट्यूबर-इन्फ्लुएंसर मीनाक्षी यादव ने भी युवाओं को राष्ट्र का नाम रोशन करने वाले कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन में कार्यक्रम को खेल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस अवसर पर माय भारत के स्वयंसेवक कुलदीप राठौर सहित अन्य अतिथि और विद्यार्थी मौजूद रहे।
खेल के साथ नशे से दूरी का संदेश
कार्यक्रम में युवाओं को नशा नहीं करने की शपथ भी दिलाई गई। यानी मैदान में फिटनेस का संदेश और मैदान के बाहर नशे से दूरी—दोनों बातों को एक साथ जोड़ने की कोशिश की गई।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन महाविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. संजय जोशी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कार्यक्रम के नोडल ऑफिसर राकेश कुमार कस्वा ने किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
नीमच में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ ने युवाओं के सामने सिर्फ पदक जीतने का लक्ष्य नहीं रखा, बल्कि खेल को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। अब असली परीक्षा मैदान पर होगी—क्योंकि सपने वर्चुअल संवाद से शुरू हो सकते हैं, लेकिन उन्हें पदक में बदलने के लिए पसीना मैदान में ही बहाना पड़ता है।