मालवांचल मित्र, नीमच: सारथी विश्वकर्मा समाज कल्याण सेवा संगठन, जिला नीमच एवं विश्वकर्मा जांगिड़ समाज विकास समिति, नीमच सिटी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को जवाहर नगर स्थित विश्वकर्मा मंदिर परिसर में सम्मान समारोह एवं शपथ विधि समारोह का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाजजनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे आयोजन में उत्साह और गरिमा का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय जलवायु, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय (भारत सरकार) के सदस्य विनय जांगिड़ तथा क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह परिहार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके पश्चात संगठन के पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए तथा हाल ही में नवनिर्वाचित चारभुजा मंदिर समिति के पदाधिकारियों का अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया।
इस अवसर पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शंभू प्रसाद शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने विनय जांगिड़ को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश प्रशिक्षण सह-प्रभारी एवं दिलीप सिंह परिहार को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता बनाए जाने पर साफा पहनाकर, माल्यार्पण कर एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
महिला मंडल की नवनियुक्त पदाधिकारियों को भी मंच पर आमंत्रित कर उनका सम्मान किया गया, जिससे समाज में महिला सहभागिता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
अपने संबोधन में विनय जांगिड़ ने तिरंगा यात्रा, आतंकवाद एवं समाज की एकजुटता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज को आगे बढ़ाने और राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। वहीं विधायक दिलीप सिंह परिहार ने अमरनाथ और पहलगाम में हुए आतंकी हमलों का उल्लेख करते हुए समाजजनों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
समारोह के दौरान शंभू प्रसाद शर्मा, भोपराज शर्मा, कुशल शर्मा एवं नितेश विश्वकर्मा सहित कई पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। महिला मंडल से भगवती देवी शर्मा, प्रमिला शर्मा, गीता देवी किंजा एवं श्रुति दुबे को भी संगठन की ओर से जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
कार्यक्रम में छात्रावास समिति के जगदीश शर्मा, ओमप्रकाश मारोठिया, मांगीलाल सहित अनेक समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन संगठन के प्रदेश प्रवक्ता शशिकांत दुबे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन चारभुजा मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश किंजा द्वारा व्यक्त किया गया।
यह आयोजन समाज में एकता, संगठन शक्ति और सामाजिक सक्रियता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।