मालवांचल मित्र, रायपुर/सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई गांव में स्थित Vedanta Limited के थर्मल पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्लांट के बॉयलर में हुए भीषण विस्फोट ने देखते ही देखते कामकाजी माहौल को चीख-पुकार में बदल दिया। इस हादसे में अब तक 10 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
धमाके का मंजर: कुछ ही सेकंड में तबाही
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास काम कर रहे मजदूर संभल भी नहीं पाए।
बताया जा रहा है कि बॉयलर ट्यूब में तकनीकी खराबी या अत्यधिक दबाव (ओवरहीटिंग) के कारण यह हादसा हुआ।
सबसे भयावह पहलू यह रहा कि बॉयलर से निकली लगभग 600 डिग्री तापमान की गर्म भाप सीधे मजदूरों पर गिरी, जिससे कई लोग बुरी तरह झुलस गए।
मौत और जिंदगी की जंग
कई मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया
कुछ ने अस्पताल ले जाते समय आखिरी सांस ली
घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है
मृतकों में अधिकतर कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मजदूर शामिल हैं
घायलों को सक्ती और आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बड़े शहरों में रेफर किया गया है।
राहत-बचाव: हर सेकंड की थी कीमत
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने भी सहयोग किया। मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए घंटों तक अभियान चलता रहा।
सरकार और कंपनी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की
राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए
Vedanta Limited ने घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया
जांच के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
इस हादसे के बाद प्लांट की सुरक्षा प्रणाली, मशीनों के रखरखाव और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसे अक्सर समय पर मेंटेनेंस न होने या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होते हैं।
बड़ा सवाल: मजदूर कितने सुरक्षित?
यह घटना सिर्फ एक औद्योगिक हादसा नहीं, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है।
क्या प्लांट में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था?
क्या नियमित जांच और मेंटेनेंस किया जा रहा था?
इन सवालों के जवाब अब जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।
छत्तीसगढ़ का यह हादसा हाल के वर्षों की सबसे गंभीर औद्योगिक दुर्घटनाओं में गिना जा रहा है।
इसने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि विकास की दौड़ में कहीं मजदूरों की सुरक्षा पीछे तो नहीं छूट रही।
अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और जिम्मेदारों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।