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मालवांचल मित्र, चेन्नई: देश के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल Shiv Ratan Agarwal का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। वह Bikaji Foods International के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी के इलाज के लिए चेन्नई पहुंचे थे सूत्रों के मुताबिक, शिव रतन अग्रवाल अपनी पत्नी के इलाज के लिए परिवार के साथ चेन्नई आए हुए थे। उनकी पत्नी की हाल ही में हार्ट बायपास सर्जरी हुई थी और डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी। परिवार शहर के एक होटल में ठहरा हुआ था। गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। छोटे कारोबार से खड़ा किया बड़ा ब्रांड Shiv Ratan Agarwal की पहचान एक दूरदर्शी उद्योगपति के रूप में थी। उन्होंने बीकानेर से भुजिया और नमकीन के छोटे कारोबार से शुरुआत की थी। शुरुआत में उन्होंने ‘शिवदीप फूड्स प्रोडक्ट्स’ के नाम से काम शुरू किया, जो बाद में एक बड़े ब्रांड में विकसित हुआ। वर्ष 1993 में कंपनी का नाम बदलकर ‘बिकाजी’ रखा गया। यह नाम बीकानेर के संस्थापक राव बीका से प्रेरित है। इस ब्रांड ने जल्द ही अपनी गुणवत्ता और स्वाद के दम पर बाजार में अलग पहचान बना ली। हल्दीराम्स से अलग बनायी अपनी राह पारिवारिक व्यवसाय से अलग होने के बाद Shiv Ratan Agarwal ने खुद का रास्ता चुना। उन्होंने बीकानेर में अपना स्वतंत्र कारोबार शुरू किया और धीरे-धीरे इसे देश की अग्रणी पैकेज्ड स्नैक कंपनियों में शामिल कर दिया। आज बिकाजी के उत्पाद न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उपलब्ध हैं। उद्योग जगत में शोक उनके निधन की खबर से उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने उनके निधन पर दुख जताते हुए कहा कि शिव रतन अग्रवाल ने बीकानेर की भुजिया को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय स्नैक इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति Shiv Ratan Agarwal का निधन भारतीय खाद्य उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने न केवल एक सफल ब्रांड खड़ा किया, बल्कि लाखों लोगों के लिए प्रेरणा भी बने। शिव रतन अग्रवाल की कहानी एक छोटे स्तर से बड़े उद्योगपति बनने की प्रेरणादायक यात्रा है। उनका योगदान हमेशा भारतीय उद्योग जगत में याद किया जाएगा। मालवांचल मित्र परिवार की ओर से Shiv Ratan Agarwal को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिवार को संबल प्रदान करें। |
मालवांचल मित्र, चेन्नई: देश के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल Shiv Ratan Agarwal का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। वह Bikaji Foods International के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पत्नी के इलाज के लिए चेन्नई पहुंचे थे
सूत्रों के मुताबिक, शिव रतन अग्रवाल अपनी पत्नी के इलाज के लिए परिवार के साथ चेन्नई आए हुए थे। उनकी पत्नी की हाल ही में हार्ट बायपास सर्जरी हुई थी और डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी। परिवार शहर के एक होटल में ठहरा हुआ था।
गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
छोटे कारोबार से खड़ा किया बड़ा ब्रांड
Shiv Ratan Agarwal की पहचान एक दूरदर्शी उद्योगपति के रूप में थी। उन्होंने बीकानेर से भुजिया और नमकीन के छोटे कारोबार से शुरुआत की थी। शुरुआत में उन्होंने ‘शिवदीप फूड्स प्रोडक्ट्स’ के नाम से काम शुरू किया, जो बाद में एक बड़े ब्रांड में विकसित हुआ।
वर्ष 1993 में कंपनी का नाम बदलकर ‘बिकाजी’ रखा गया। यह नाम बीकानेर के संस्थापक राव बीका से प्रेरित है। इस ब्रांड ने जल्द ही अपनी गुणवत्ता और स्वाद के दम पर बाजार में अलग पहचान बना ली।
हल्दीराम्स से अलग बनायी अपनी राह
पारिवारिक व्यवसाय से अलग होने के बाद Shiv Ratan Agarwal ने खुद का रास्ता चुना। उन्होंने बीकानेर में अपना स्वतंत्र कारोबार शुरू किया और धीरे-धीरे इसे देश की अग्रणी पैकेज्ड स्नैक कंपनियों में शामिल कर दिया।
आज बिकाजी के उत्पाद न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उपलब्ध हैं।
उद्योग जगत में शोक
उनके निधन की खबर से उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने उनके निधन पर दुख जताते हुए कहा कि शिव रतन अग्रवाल ने बीकानेर की भुजिया को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारतीय स्नैक इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति
Shiv Ratan Agarwal का निधन भारतीय खाद्य उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने न केवल एक सफल ब्रांड खड़ा किया, बल्कि लाखों लोगों के लिए प्रेरणा भी बने।
शिव रतन अग्रवाल की कहानी एक छोटे स्तर से बड़े उद्योगपति बनने की प्रेरणादायक यात्रा है। उनका योगदान हमेशा भारतीय उद्योग जगत में याद किया जाएगा।
मालवांचल मित्र परिवार की ओर से Shiv Ratan Agarwal को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिवार को संबल प्रदान करें।