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मालवांचल मित्र, नई दिल्ली: NEET 2026 को लेकर देशभर में पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन की चर्चा लगातार जारी है। ऐसे माहौल में जब हर किसी से राय मांगी जा रही है, तब ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाले आर्यन गुप्ता ने एक ऐसा जवाब दिया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। पंजाब के रहने वाले आर्यन गुप्ता ने 720 में से 715 अंक हासिल कर NEET 2026 में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया। लेकिन जब उनसे पेपर लीक और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने किसी बहस में पड़ने के बजाय बेहद संतुलित जवाब दिया। आर्यन ने कहा, "मैं इस पर कमेंट करने के लिए अभी बहुत छोटा हूं। मुझे इस विषय पर कुछ नहीं बोलना है।" आज के दौर में, जहां कई लोग हर मुद्दे पर बिना पूरी जानकारी के विशेषज्ञ बनने की कोशिश करते हैं, वहां उनका यह जवाब अलग नजर आया।
हालांकि, पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के असर पर उन्होंने खुलकर अपनी भावनाएं साझा कीं। आर्यन ने बताया कि जब परीक्षा रद्द हुई तो उन्हें बहुत बड़ा झटका लगा। उनका दिल टूट गया था और वे काफी रोए भी। लेकिन कुछ समय बाद उन्हें एहसास हुआ कि यह मुश्किल सिर्फ उनकी नहीं थी। देशभर के करीब 22 लाख छात्रों ने वही दर्द झेला और सभी को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी। यही सोच उनके लिए नई शुरुआत बन गई। उन्होंने अगले ही दिन से फिर पढ़ाई शुरू कर दी और पूरे अनुशासन और लगातार मेहनत के साथ तैयारी में जुट गए। आखिरकार उसी मेहनत का परिणाम आज उनके सामने AIR-1 के रूप में है। अपनी सफलता का श्रेय आर्यन ने अपने माता-पिता, बड़े भाई और शिक्षकों को दिया। उनके माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं। आर्यन के मुताबिक, परिवार ने न सिर्फ पढ़ाई में मजबूत आधार दिया बल्कि कठिन समय में भावनात्मक सहारा भी बना। भविष्य में NEET की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए उन्होंने एक सीधी और सरल सलाह दी। उनका कहना है कि अपने शिक्षकों पर भरोसा रखें, उनके मार्गदर्शन का पूरी ईमानदारी से पालन करें और रोज़ अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करें। अनुशासन और निरंतर मेहनत ही सफलता का सबसे भरोसेमंद रास्ता है।
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मालवांचल मित्र, नई दिल्ली: NEET 2026 को लेकर देशभर में पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन की चर्चा लगातार जारी है। ऐसे माहौल में जब हर किसी से राय मांगी जा रही है, तब ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाले आर्यन गुप्ता ने एक ऐसा जवाब दिया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया।
पंजाब के रहने वाले आर्यन गुप्ता ने 720 में से 715 अंक हासिल कर NEET 2026 में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया। लेकिन जब उनसे पेपर लीक और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने किसी बहस में पड़ने के बजाय बेहद संतुलित जवाब दिया।
आर्यन ने कहा, "मैं इस पर कमेंट करने के लिए अभी बहुत छोटा हूं। मुझे इस विषय पर कुछ नहीं बोलना है।" आज के दौर में, जहां कई लोग हर मुद्दे पर बिना पूरी जानकारी के विशेषज्ञ बनने की कोशिश करते हैं, वहां उनका यह जवाब अलग नजर आया।

हालांकि, पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के असर पर उन्होंने खुलकर अपनी भावनाएं साझा कीं। आर्यन ने बताया कि जब परीक्षा रद्द हुई तो उन्हें बहुत बड़ा झटका लगा। उनका दिल टूट गया था और वे काफी रोए भी। लेकिन कुछ समय बाद उन्हें एहसास हुआ कि यह मुश्किल सिर्फ उनकी नहीं थी। देशभर के करीब 22 लाख छात्रों ने वही दर्द झेला और सभी को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी।
यही सोच उनके लिए नई शुरुआत बन गई। उन्होंने अगले ही दिन से फिर पढ़ाई शुरू कर दी और पूरे अनुशासन और लगातार मेहनत के साथ तैयारी में जुट गए। आखिरकार उसी मेहनत का परिणाम आज उनके सामने AIR-1 के रूप में है।
अपनी सफलता का श्रेय आर्यन ने अपने माता-पिता, बड़े भाई और शिक्षकों को दिया। उनके माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं। आर्यन के मुताबिक, परिवार ने न सिर्फ पढ़ाई में मजबूत आधार दिया बल्कि कठिन समय में भावनात्मक सहारा भी बना।
भविष्य में NEET की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए उन्होंने एक सीधी और सरल सलाह दी। उनका कहना है कि अपने शिक्षकों पर भरोसा रखें, उनके मार्गदर्शन का पूरी ईमानदारी से पालन करें और रोज़ अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करें। अनुशासन और निरंतर मेहनत ही सफलता का सबसे भरोसेमंद रास्ता है।
आर्यन गुप्ता ने किसी विवाद पर बड़ी-बड़ी बातें करने के बजाय अपनी मेहनत और परिणाम को बोलने दिया। शायद यही उनकी सबसे बड़ी परिपक्वता है। क्योंकि हर सवाल का जवाब देना ज़रूरी नहीं होता, लेकिन हर चुनौती का जवाब अपने काम से देना सबसे असरदार होता है।