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मालवांचल मित्र, जावरा (रतलाम)। जावरा स्थित हुसैन टेकरी के गेस्ट हाउस के बाहर खुले में सो रहे सागर जिले के एक दंपती के छह माह के बच्चे के अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों की योजना बच्चे को दिल्ली ले जाकर बेचने की थी। मामले में राजस्थान के झालावाड़ जिले के अकलेरा निवासी निजाम मंसूरी और रूपाबाई रेगर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं निजाम के 13 वर्षीय पुत्र को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि निजाम और रूपाबाई के बीच प्रेम संबंध हैं। दोनों पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद को राखी-धागे का भाई-बहन बता रहे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों 1 जून को हुसैन टेकरी पहुंचे थे और पिछले पांच दिनों से अलग-अलग स्थानों की रेकी कर बच्चे के अपहरण का मौका तलाश रहे थे। 5 जून की सुबह मौका मिलते ही दोनों ने छह माह के मासूम का अपहरण कर लिया और पिकअप वाहन तथा बस के जरिए इंदौर होते हुए दिल्ली की ओर रवाना हो गए। हालांकि पुलिस की तत्परता से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और बच्चा सुरक्षित बरामद कर लिया गया। मानव तस्करी गिरोह से सीधे संबंध के सबूत नहीं थाना प्रभारी प्रकाश गडरिया के अनुसार, आरोपियों के एक वर्ष के मोबाइल रिकॉर्ड की जांच की गई, लेकिन किसी संगठित मानव तस्करी गिरोह से जुड़े होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पैसों के लालच में बच्चे को दिल्ली ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। हालांकि वहां बच्चे को किसे सौंपना था, इसका कोई स्पष्ट संपर्क या ठोस योजना अभी तक सामने नहीं आई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं मिला है। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है और मामले के हर पहलू की गहन जांच जारी है।
पहले भी सामने आ चुका है मानव तस्करी का मामला हुसैन टेकरी क्षेत्र में इससे पहले भी बच्चों के अपहरण और मानव तस्करी से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। दिसंबर 2024 में पुलिस ने झालावाड़ निवासी चार आरोपियों को ब्यावरा से गिरफ्तार किया था। उन पर अजमेर के एक दंपती के दो बच्चों के अपहरण का आरोप था। जांच में तब खुलासा हुआ था कि बच्चों की चोरी 80 हजार रुपये में करवाई गई थी। मामले में राजस्थान के झालरापाटन निवासी राशिद शाह और उसकी पत्नी जुलेखा का नाम सामने आया था। पुलिस जांच के अनुसार बच्चों को गुजरात के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस का मानना है कि पूर्व में सामने आए ऐसे मामलों से प्रभावित होकर वर्तमान आरोपियों ने भी जल्द पैसा कमाने के लालच में बच्चे के अपहरण की साजिश रची होगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी संभावित कड़ियों को खंगाल रही है।
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मालवांचल मित्र, जावरा (रतलाम)। जावरा स्थित हुसैन टेकरी के गेस्ट हाउस के बाहर खुले में सो रहे सागर जिले के एक दंपती के छह माह के बच्चे के अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों की योजना बच्चे को दिल्ली ले जाकर बेचने की थी। मामले में राजस्थान के झालावाड़ जिले के अकलेरा निवासी निजाम मंसूरी और रूपाबाई रेगर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं निजाम के 13 वर्षीय पुत्र को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि निजाम और रूपाबाई के बीच प्रेम संबंध हैं। दोनों पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद को राखी-धागे का भाई-बहन बता रहे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों 1 जून को हुसैन टेकरी पहुंचे थे और पिछले पांच दिनों से अलग-अलग स्थानों की रेकी कर बच्चे के अपहरण का मौका तलाश रहे थे।
5 जून की सुबह मौका मिलते ही दोनों ने छह माह के मासूम का अपहरण कर लिया और पिकअप वाहन तथा बस के जरिए इंदौर होते हुए दिल्ली की ओर रवाना हो गए। हालांकि पुलिस की तत्परता से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और बच्चा सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
मानव तस्करी गिरोह से सीधे संबंध के सबूत नहीं
थाना प्रभारी प्रकाश गडरिया के अनुसार, आरोपियों के एक वर्ष के मोबाइल रिकॉर्ड की जांच की गई, लेकिन किसी संगठित मानव तस्करी गिरोह से जुड़े होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पैसों के लालच में बच्चे को दिल्ली ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। हालांकि वहां बच्चे को किसे सौंपना था, इसका कोई स्पष्ट संपर्क या ठोस योजना अभी तक सामने नहीं आई है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं मिला है। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है और मामले के हर पहलू की गहन जांच जारी है।

पहले भी सामने आ चुका है मानव तस्करी का मामला
हुसैन टेकरी क्षेत्र में इससे पहले भी बच्चों के अपहरण और मानव तस्करी से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। दिसंबर 2024 में पुलिस ने झालावाड़ निवासी चार आरोपियों को ब्यावरा से गिरफ्तार किया था। उन पर अजमेर के एक दंपती के दो बच्चों के अपहरण का आरोप था।
जांच में तब खुलासा हुआ था कि बच्चों की चोरी 80 हजार रुपये में करवाई गई थी। मामले में राजस्थान के झालरापाटन निवासी राशिद शाह और उसकी पत्नी जुलेखा का नाम सामने आया था। पुलिस जांच के अनुसार बच्चों को गुजरात के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने की तैयारी की जा रही थी।
पुलिस का मानना है कि पूर्व में सामने आए ऐसे मामलों से प्रभावित होकर वर्तमान आरोपियों ने भी जल्द पैसा कमाने के लालच में बच्चे के अपहरण की साजिश रची होगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी संभावित कड़ियों को खंगाल रही है।
