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मालवांचल मित्र, इंदौर: मध्य प्रदेश का इंदौर शहर जल्द ही एक नई सांस्कृतिक और प्रेरणादायक पहचान हासिल करने जा रहा है। शहर के वार्ड क्रमांक-85 स्थित देवी अहिल्या सरोवर उद्यान (सिरपुर क्षेत्र) में स्वामी विवेकानंद की विशाल प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रतिमा के लिए तैयार किए जा रहे पेडेस्टल (आधार मंच) का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
बुधवार को इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली तथा कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। महापौर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और चरित्र निर्माण की प्रेरणा देते हैं। यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों और जीवन दर्शन से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
जानकारी के अनुसार, प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 39.6 फीट होगी, जबकि आधार सहित इसकी कुल ऊंचाई लगभग 52 फीट तक पहुंचेगी। इसे देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमाओं में शामिल करने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थान शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है। प्रतिमा के आसपास विकसित किए जा रहे परिसर में आगंतुकों के लिए बेहतर सुविधाएं, आकर्षक लैंडस्केपिंग, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था भी विकसित की जा रही है, ताकि यह क्षेत्र पर्यटन और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सके।
नगर निगम का उद्देश्य इस परियोजना के माध्यम से शहर में सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना और युवाओं को स्वामी विवेकानंद के राष्ट्रनिर्माण, शिक्षा, आत्मनिर्भरता तथा मानव सेवा के संदेश से प्रेरित करना है। परियोजना पूर्ण होने के बाद स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है। नगर निगम का मानना है कि यह स्मारक इंदौर की पहचान को नई ऊंचाई देगा और शहर के सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। |
मालवांचल मित्र, इंदौर: मध्य प्रदेश का इंदौर शहर जल्द ही एक नई सांस्कृतिक और प्रेरणादायक पहचान हासिल करने जा रहा है। शहर के वार्ड क्रमांक-85 स्थित देवी अहिल्या सरोवर उद्यान (सिरपुर क्षेत्र) में स्वामी विवेकानंद की विशाल प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रतिमा के लिए तैयार किए जा रहे पेडेस्टल (आधार मंच) का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

बुधवार को इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली तथा कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
महापौर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और चरित्र निर्माण की प्रेरणा देते हैं। यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों और जीवन दर्शन से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

जानकारी के अनुसार, प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 39.6 फीट होगी, जबकि आधार सहित इसकी कुल ऊंचाई लगभग 52 फीट तक पहुंचेगी। इसे देश की सबसे बड़ी स्वामी विवेकानंद प्रतिमाओं में शामिल करने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थान शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है।
प्रतिमा के आसपास विकसित किए जा रहे परिसर में आगंतुकों के लिए बेहतर सुविधाएं, आकर्षक लैंडस्केपिंग, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था भी विकसित की जा रही है, ताकि यह क्षेत्र पर्यटन और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सके।

नगर निगम का उद्देश्य इस परियोजना के माध्यम से शहर में सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना और युवाओं को स्वामी विवेकानंद के राष्ट्रनिर्माण, शिक्षा, आत्मनिर्भरता तथा मानव सेवा के संदेश से प्रेरित करना है।
परियोजना पूर्ण होने के बाद स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है। नगर निगम का मानना है कि यह स्मारक इंदौर की पहचान को नई ऊंचाई देगा और शहर के सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।